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सत्रहवीं लोकसभा का पहला सत्र आज से शुरू, नव निर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली। इसके साथ ही पक्ष-विपक्ष की भूमिका तय हो गई, लेकिन इस बार विपक्ष संख्या बल में बहुत कम है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया से कहा संसदीय लोकतंत्र में सक्रिय विपक्ष महत्वपूर्ण होता है।

 लेकिन उसे अपने संख्याबल के बारे में परेशान होने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें सक्रियता से बोलने और सदन की कार्यवाही में भागीदारी करने की आवश्यकता होती है। साथ उन्होनें बताया कि हमें सदन में पक्ष-विपक्ष को भुल कर केवल राष्ट्र-हित के बारे में सोचना चाहिए और सांसदो से आग्रह किया, जब आप सदन में तब केवल देश के व्यापक हित के बारे में सोचे, क्योकि आज नए संविधान से परिचय का समय है। हम नए उत्साह, नई उमंग के साथ काम करेंगे। जनता ने हमें काम करने का अवसर दिया है। जनता की आशा-आकाक्षांओं को पूरा करेंगे। हमारे लिए विपक्ष की हर बात और हर भावना मूल्यवान है। आने वाले पांच सालों में इस सदन की गरिमा को और बढ़ाएंगे।  मुझे उम्मीद है कि यह सत्र एक सार्थक सत्र होगा।

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