Headline • सुशील मोदी बोले - भाजपा और जदयू का गठबंधन बना रहेगा, नीतीश के नेतृत्व में ही लड़ेंगे विधानसभा चुनाव • तेलंगाना सीएम KCR गांव वालों पर मेहरबान, हर परिवार को देंगे 10 लाख रुपये• सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर हमला, कहा - केंद्रीय सूचना आयोग की स्‍वतंत्रता को नष्‍ट करना चाहती है सरकार• ब्रिटेन में आज होगा अगले पीएम का फैसला, बोरिस जॉनसन और जेरेमी हंट के बीच टक्कर• इसरो ने रचा इतिहास, मून मिशन चंद्रयान-2 लॅान्च• हिमा दास ने 20 दिन में 5वां गोल्ड जीता, जाबिर ने भी लगायी सुनहरी दौड़• अमेरिका में फिर हुई इमरान खान की फजीयत, भाषण के दौरान इमरान का विरोध • राहुल गाँधी के इस्तीफे के बाद पुणे के इंजीनियर की नजर कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर • यूपी - गरीब छात्रों को नए मेडिकल कालेजों में भी मिलेगा मौका• कर्नाटक : सरकार बचाने के लिए ज्योतिषियों और टोटकों की शरण में JDS नेता • पीसीबी पाकिस्तान के मुख्य चयनकर्ता इंजमाम पर करता रहा पैसों की बारिश, पर नहीं सुधरी टीम की हालत• अमेरिका ने हाफिज की पिछली गिरफ्तारियों को बताया 'दिखावा', कहा उसकी आतंकी गतिविधियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा• CM कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू का इस्‍तीफा मंजूर किया• "कांग्रेस को चाहिए ' गांधी ' अध्यक्ष, वर्ना टूट जाएगी पार्टी"• यूपी बोर्ड के छात्रों को मिलेगा धीरूभाई अंबानी स्कॅालरशिप पाने का मौका • छपरा में मवेशी चोरी के आरोप में 3 लोगों की पिट-पिटकर हत्या • ट्रम्प का दावा - अमेरिकी युद्धपोत ने मार गिराया है होरमुज की खाड़ी में ईरानी ड्रोन• कर्नाटक : बीजेपी विधायकों के लिए सदन में ब्रेकफास्ट लेकर पहुंचे कर्नाटक के डेप्युटी सीएम• इमरान खान के अमेरिका दौरे से पहले पाक को झटका, नहीं मिलेगी अमेरिकी सहायता• पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी गिरफ्तार • 90 बीघे जमीन के लिए चली अंधाधुंध गोलियां, बिछ गई लाशें• धौनी के माता-पिता भी चाहते है कि वो अब क्रिकेट से संन्यास ले• चंद्रयान-2 की आयी डेट; 22 जुलाई को होगा लॅान्च • कुलभूषण जाधव केस : 1 रुपये वाले साल्वे ने पाकिस्तान के 20 करोडं रुपये वाले वकील को दी मात • कांग्रेस को नहीं मिल पा रहा नया अध्यक्ष , किसी भी नाम को लेकर सहमति नहीं


 

बिहार विधानसभा के नेता विपक्ष तेजस्वी यादव चुनाव के बाद कहीं लापता है। आश्चर्य की बात है कि राजद के किसी भी नेता को पता नहीं कि वो कहाँ हैं। इस समय उनकी उपस्थिति इसलिए भी और महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार में चमकी बुखार से बच्चों की मौत का आंकड़ा 100 के पार पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर लू के कहर से 70 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

इस समय उनका आचानक गायब होना राजनीतिक अपरिपक्वता दर्शाता है। जिस समय उनकों बिहार में पीड़ितों को सांत्वना देने और उनकी आवाज बुलंद करने की जरूरत थी तब उन्होने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध ली है। राज्य सरकार की ओर से चमकि बुखार को लेकर बरती गई ढिलाई पर विपक्ष की कोई प्रतिक्रिया का न आना ये बिहार के विपक्ष की संवेदनहीनता दिखाता है। वही राजद के कुछ नेताओं का कहना है वे दिल्ली में है और बिहार की स्थिती पर नज़र बनाये हुए है। लेकिन अभी तक उनकी चमकि बुखार से हो रही मौतों पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आयी है।

संबंधित समाचार

:
:
: