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मुरादाबादः  जनपद के एक छोटे से कस्बा कुन्दरकी में एक छोटी सी उम्र का बच्चा हवा से बातें करता है। ये ही नहीं अपने करतब भी दिखता है। जो बच्चे इस उम्र में स्कूल भी सही तरह से जाना नहीं सिख पाते हैं उस उम्र में कुंदरकी के रहने वाला बच्चा असद घोड़े पर बैठकर हवा से बातें करता है। 

जब ये बच्चा घुड़सवारी करता है तो आसपास के गांव के लोग देखने के लिए उस मैदान पर आ जाते है और लोग असद के हुनर को सलाम करते हैं।

कहते है कि हौसलों के आगे हर दरिया छोटा पड़ जाता है। यह कहावत को सात वर्ष के असद ने सही साबित कर दिया। कुंदरकी कस्बे के रहने वाले असद की कुशल घुड़सवारी देखकर इसके हुनर को सलाम कर रहा है। 7 वर्ष का असद कक्षा 2 का छात्र है और 4 साल की उम्र से घुड़सवारी कर रहा है।

असद के ताऊ अजीज अहमद को पहले से ही घोड़े पालने का शौक है। ताऊ के भरोसे ने इस बालक के कॉन्फिडेंस को और बढ़ा दिया और देखते ही देखते असद छोटी सी उम्र में  कुशल घुड़सवार बन गया।

घोड़े की पीठ पर बिना किसी डर के होने वाले सवार असद ने बताया कि घुड़सवारी से उसको डर नहीं लगता बल्कि मजा आता है। असद को तेज रफ्तार से घोड़े चलाना पसंद है।  

असद ने घुड़सवारी के शौक से ही आगे बढ़कर जीवन में नाम कमाने का सपना बना लिया है। अशद के ताऊ अजीज अहमद कहते हैं जब दूर दूर से लोग इस बच्चे की घुड़सवारी को देखने के लिए कुंदरकी आते हैं तो उन्हें अपने भतीजे असद और उसके हुनर पर गर्व होता है। वह चाहते हैं की असद का एडमिशन घुड़सवारी के किसी अच्छे ट्रेनिंग सेंटर में हो जाए जिससे यह बच्चा अपने नगर अपने जिले और अपने प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

 

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