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विकास नगर में चावल से भरे सरकारी 7 ट्रकाेें को FCI गोदम में उतारनेे के बजाय अन्य जगह पर उतरने की खबर से हडकंप मच गया। जब इस बात की जानकारी सरकारी अधिकारी से ली गई तो वह इस राशन की कालाबाजारी से साफ मुकर गए।

दरअसल मामला विकास नगर FCI गोदाम का है जहां डिपो से आयेे 7 ट्रक सरकारी चावल उतारा जाना था लेकिन यह चावल FCI के सरकारी गोदाम में ना उतारकर मानकों को दरकिनार कर बिना क्वालिटी चैक किये ही अन्य जगह खाद्यान्न विभाग के गोदामों पर दूसरे ट्रकों में डायरेक्ट भरा जा रहा था। जिसकी भनक लगते ही गोदाम में काम करने वाले मजदूरों ने चोर बाजारी का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। जिसके बाद अधिकारियों ने आनन फानन में 7 में से 5 ट्रको को तुरंत ही FCI के गोदाम बुला कर खड़ा करवा दिया जबकि दो ट्रक सरकारी चावल को बिना किसी कार्यवाही के चलता कर दिया गया । मामले में स्थानीय जन प्रतिनिधियों और गोदाम पर मजदूरी करने वाले मजदूरों ने अधिकारियों पर ग़रीबो के सरकारी राशन पर डाका डालने के गंभीर आरोप लगाये हैं । मजदूरों ने बताया की जब लाखों रूपये महिने की लागत पर FCI गोदाम बनाया गया है तो आखिर बिना जांच पड़ताल के सरकारी राशन बाहरी गोदाम में अन्य वाहनों में कैसे भराया जा रहा हैं।

मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं । मजदूरों का कहना है कि हाल ही में सरकारी RFC गोदाम में 300 राशन के कट्टो की हेराफेरी का मामला उजागर हुआ था ऐसे में निश्चित तौर पर यह मामला भी अधिकारियों की मिली भगत से सरकारी राशन को ठिकाने लगाये जाने का ही है। पूरे मामले की जांच की जानी चाहिये। वहीं पूरे मामले में FCI के अधिकारी ने आरोपों को नकारते हुए बताया की आरोप बेवजह हैं। मजदूरों को कुछ पता नहीं है बेवजह की बात को बढ़ाया जा रहा है।

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