Headline • हिंदू धर्म छोड़ने वाले कर्मचारी अब नही कर सकेंगे तिरुमला मंदिर में नौकरी, जगन सरकार ने दिया आदेश !• चिदंबरम चाहते हैं अब सीबीआई हिरासत में रहना, कानूनी दांवपेच !• भारत-चीन सीमा विवाद का अब निकल सकता है हल, चीनी अधिकारियों के संकेत !• अयोध्या विवाद: मस्जिद इस्लाम के तहत बनी या नहीं, होगा फैसला : SC• जी-7: सबकी नजर आज मोदी और ट्रंप की खास मुलाकात पर, कश्मीर पर हो सकती है चर्चा !• जम्मू-कश्मीर पर राजनीति जारी, मायावती ने साधा कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना !• आज होगी चिदंबरम की अर्जी पर SC में सुनवाई !• भूकंप के झटकों से म्‍यांमार की हिली धरती, भारत के भी कुछ हिस्‍सें चपेट में !• लंदन मे पाकिस्‍तानी मंत्री पर जमकर बरसे लात घूंसे, भारत को दी थी परमाणु युद्ध की धमकी !• कांग्रेस के दो बड़े नेता जयराम रमेश के बाद अब अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खलनायक के तौर पर पेश करने को लेकर जताई आपत्ति ! • जी-7 समिट में पीएम मोदी और ट्रंप करेंगे कश्‍मीर पर चर्चा, 370 भारत का अंधरूनि मामला : US• पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम अंडरग्राउंड, तलाश में ईडी और सीबीआई अधिकारी !• मौसम विभाग ने दी चेतावनी महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी !• धारा 370 हटने के बाद बारामूला में हुई पहली मुठभेड़, एक SPO अधिकारी शहीद !• अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कही कश्मीर पर मध्यस्थता की बात !• चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हुआ चंद्रयान-2, इसरो की प्रेस कांफ्रेस आज !• SBI खत्‍म करेगा डेबिट कार्ड, योनो से हि निकलेगा कैश और होगी डिजिटल पेमेंट !• जाकिर नाइक पर कसा शिकंजा, अब भाषण देने पर मलेशिया ने लगाई रोक !• अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्विट: कश्‍मीर में एक कठिन स्‍थिति, लेकिन अच्‍छी बातचीत !• पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली की हालत बेहद नाजुक, AIIMS में भर्ती !• केन्‍द्रीय मंत्री जितेन्‍द्र सिंह का पाक अधिकृत कश्‍मीर पर बयाना, अब POK के देश में शामिल होने की करें दुआ !• रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान से फिर बौखलाया पाक, महमूद कुरैशी का आया यह बयान !• कश्‍मीर में हो रहा मानवअधिकारों का उल्‍लंघन : ममता बनर्जी • 'मेक इन इंडिया': इसरो का निजी कंपनियों को पांच पीएसएलवी बनाने का न्योता !• अमेरिका के उप विदेश सचिव भारत दौरे पर, रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा !

देश से छुआछूत मिटाने के नाम पर RTI का बड़ा खुलासा

मुरादाबाद- देश से छुआछूत मिटाने के नाम पर केंद्र सरकार ने पानी की तरह पैसा बहाया है। इसके बावजूद भी समाज में अभिशाप बनी यह सामाजिक कुरीतियां ग्रामीण अंचल में अभी खत्म तो नहीं हुई लेकिन जनता का अरबो रुपया इस भेदभाव को खत्म करने के नाम पर खर्च हो गया है। चालू वित्तीय वर्ष के जुलाई माह तक केंद्र सरकार राज्यों को पांच हजार लाख रुपए से अधिक अवमुक्त कर चुकी है। इसमें उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा ग्यारह सौ लाख रुपए मिले हैं। उत्तर प्रदेश ही नहीं महाराष्ट्र ,मध्य प्रदेश ,राजिस्थान और गुजरात को भी इस भेदभाव को मिटाने के लिए खूब बजट दिया गया। जबकि झारखंड ,उतराखंड ,असम ,पश्चिम बंगाल ,दिल्ली यह कुछ ऐसे राज्य हैं, जहाँ इन चैदह सालों में कुछ लाख रुपए ही दिए गए।

मुरादाबाद निवासी पवन अग्रवाल नामक आरटीआई कार्यकर्ता ने यह खुलासा बढ़ा किया हैं जिन्होंने इसी साल जुलाई 2014 को प्रधानमन्त्री कार्यालय से एक आरटीआई मांगी थी, जिसमे पूछा गया था, कि देश में छुआछूत मिटाने के नाम पिछले चैदह साल में राज्यों और ,नजीओ को वर्षवार कितने रुपए दिए गए तो प्रधानमन्त्री कार्यालय से जो जवाब मिला वह चैकाने वाला था, आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश को इस अवधि में दस हजार लाख रुपए से भी अधिक की धनराशि आवंटित की गई है, इसके बावजूद उत्तर प्रदेश के हजारो गांव ऐसे हैं, जहाँ न तो अभी छुआछूत मिटी और न ही भेदभाव का अंत हुआ।

दरअसल में केंद्र सरकार प्रदेश की सरकारों को यह धन आवंटित करती है। इस धन को फिर जिलों में बांटा जाता है जिन जगहों पर भेदभाव के मामले ज्यादा मिलते हैं, इन्ही हिसाब से धनराशि मिलती है। अगर उत्तर प्रदेश की बात करें तो पूर्वांचल ,बुन्देलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों गांव ऐसे हैं, जहाँ अभी भी छुआछूत मौजूद है, जात-पात के नाम पर भेदभाव अभी भी जारी है।

वहीं आरटीआई क्टिविट पवन अग्रवाल का कहना है कि, सरकार ने छुआछूत मिटाने के लिए पैसा तो खूब खर्च किया, लेकिन जिस राज्य को पैसे की ज्यादा जरुरत थी, वहां पैसा सबसे कम दिया गया और वहां गलत तरीके से पैसे को आवंटित करके पैसे का दुरुपयोग किया गया है।

 

संबंधित समाचार

:
:
: