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शेयर बाजारः मौद्रिक नीति की समीक्षा पर रहेगी नजर  |  गुरुवार, 04 सितम्बर 2014 2014-09-04 14:09:25

मुंबईः भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को मौजूदा वित्त वर्ष की अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। रिजर्व बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे चार प्रतिशत पर रहने दिया। रिजर्व बैंक ने हालांकि स्टैट्यूटरी लिक्विडिटी रेशियो (एसएलआर) में 50 अंकों की कमी करते हुए इसे 22.5 प्रतिशत रखा। मौजूदा नीतिगत दरें इस प्रकार हैं : बैंक दर 9.0 प्रतिशत, रेपो दर 8.0 प्रतिशत, रिवर्स रेपो दर 7.0 प्रतिशत, मार्जिनल स्थायी सुविधा दर 9.0 प्रतिशत। ऎसा माना जा रहा है कि नई सरकार के गठन के बाद वित्त मंत्रालय से किसी तरह का निर्देश मिलने और आगामी बजट सत्र तक भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर ने यथास्थिति कायम रखते हुए ये फैसले किए। राजन ने कहा, ""यदि अर्थव्यवस्था इसी तरह बनी रही तो भविष्य में नीतियों में सख्ती लाने की जरूरत नहीं प़डेगी। लेकिन यदि महंगाई में कमी अनुमान से तेज गति से आती है तो नीतियों में नरमी लाने में सुविधा होगी। राजन का इशारा खाद्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण खुदरा महंगाई दर में मौजूदा बढ़ोतरी की ओर तथा रिजर्व बैंक के उस उद्देश्य की ओर था जिसमें कहा गया था कि अर्थव्यवस्था को महंगाई कम करने की दिशा में ले जाया जाएगा और मुद्रास्फीति को जनवरी, 2015 तक आठ प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत पर लाने की कोशिश की जाएगी।

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